जयपुर/नागौर | राजस्थान के नागौर जिले के डेगाना स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां कक्षा 1 से 8 तक के 99 छात्र-छात्राएं एक ही कमरे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यही कमरा विद्यालय कार्यालय के रूप में भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार विद्यालय भवन के तीन कमरों के जीर्णोद्धार का कार्य फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। निर्माण कार्य जून तक पूरा होना था, लेकिन जुलाई आने के बाद भी केवल लगभग 40 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। ठेकेदार की धीमी कार्यप्रणाली के कारण निर्माण अधूरा पड़ा है और बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
बारिश के मौसम में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। कार्यालय कक्ष की छत से पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है तथा शौचालयों की हालत भी खराब बताई जा रही है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश ने बताया कि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एक ही कमरे में आठ अलग-अलग कक्षाओं का संचालन करना बेहद कठिन है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं हो पा रहा।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके।
शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि एक ही कमरे में सभी कक्षाओं का संचालन होगा, तो विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शिक्षण की गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधूरा निर्माण कार्य कब पूरा होगा और बच्चों को कब राहत मिलेगी।