दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस में शामिल हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री।
नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता आंदोलन को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सहकारी संस्थाओं को राजनीतिक स्वार्थ और भ्रष्टाचार का केंद्र बनाकर उनकी मूल भावना को नष्ट करने का काम किया। इसके विपरीत, वर्तमान ‘डबल इंजन’ सरकार ने सहकारिता को किसानों और वंचितों की समृद्धि का एक मजबूत जरिया बनाया है।
सहकारिता है ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
मुख्यमंत्री शर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि सहकारिता महज एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह हमारे ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। उन्होंने साफ किया कि जब इस क्षेत्र को पारदर्शिता और सुशासन के साथ चलाया जाता है, तो करोड़ों ग्रामीण परिवारों के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आता है। कांग्रेस राज में ये संस्थाएं सिर्फ चुनिंदा लोगों के हितों और राजनीतिक संरक्षण तक सिमट कर रह गई थीं, जिससे इनकी साख को भारी नुकसान पहुंचा।
तकनीक और पारदर्शिता से बदली तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के विजन की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि आज देश में ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प जमीन पर उतर चुका है। तकनीकी नवाचारों और रिफॉर्म्स के जरिए इस पूरे तंत्र को पारदर्शी बनाया गया है। अब सहकारिता आंदोलन किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को नए अवसर देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।
राजस्थान में नवाचार को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राजस्थान सरकार राज्य में सहकारिता क्षेत्र को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक से लैस और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों और ग्रामीणों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में कई नए कदम उठाए जा रहे हैं।