Headlines

सीकर के दांतारामगढ़ में अवैध शराब की दो फैक्ट्रियों का भंडाफोड़; आबकारी विभाग को देख खुद की ही फैक्ट्री फूंक भागे आरोपी

Spread the love

सीकर में आबकारी विभाग का महाऑपरेशन: मुर्गी फार्म में बन रही थी अवैध शराब, टीम को देख आरोपियों ने खुद की फैक्ट्री में लगाई आग

 

जयपुर/सीकर, 6 जुलाई 2026: राजस्थान के सीकर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। आबकारी विभाग की एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई ने दांतारामगढ़ क्षेत्र में चल रहे अवैध देसी शराब के एक बहुत बड़े नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दिया है। विभाग की टीम ने हीरवास गांव में छापा मारकर दो अलग-अलग जगहों पर चल रही अवैध शराब फैक्ट्रियों को सील किया है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे काले कारोबार की भनक स्थानीय पुलिस को कानों-कान नहीं थी।

​लोकल पुलिस बेखबर, आबकारी विभाग ने मारा छापा

​जानकारी के अनुसार, सीकर और नागौर आबकारी विभाग के निरोधक दल को मुखबिर के जरिए पुख्ता इनपुट मिला था कि हीरवास गांव में बड़े पैमाने पर नकली व अवैध शराब तैयार की जा रही है। इस पर आबकारी दल के ईओ (EO) रामसहाय जाट के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने गांव में दबिश दी। टीम ने जब इनपुट के आधार पर एक स्थानीय मुर्गी फार्म और एक रिहाइशी मकान पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

​पोल्ट्री फार्म की आड़ में ‘काला खेल’:

पकड़े गए मुर्गी फार्म से टीम को भारी मात्रा में शराब बनाने का घातक केमिकल, हजारों की तादाद में प्लास्टिक के खाली पव्वे, रैपर्स और सबसे चौंकाने वाली बात—नकली शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले फर्जी होलोग्राम समेत पैकेजिंग का भारी सामान बरामद हुआ है।

​पकड़े जाने के डर से मकान को लगाई आग, आरोपी फरार

​कार्रवाई के दौरान एक बेहद फिल्मी ड्रामा भी देखने को मिला। ईओ रामसहाय जाट ने बताया कि जैसे ही विभाग की गाड़ियां गांव में दाखिल हुईं, किसी ने आरोपियों को इसकी भनक दे दी। खुद को चारों तरफ से घिरता देख आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से मकान में चल रही दूसरी फैक्ट्री को आग के हवाले कर दिया और मौके से रफूचक्कर हो गए।

​जब आबकारी की टीम मौके पर पहुंची तो वहां लपटें उठ रही थीं। टीम के सदस्यों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए पहले आग पर काबू पाया और फिर वहां से केमिकल से भरे ड्रम और अन्य उपकरण जब्त किए।

​अभी जांच जारी, बड़े खुलासे की उम्मीद

​हालांकि, आबकारी विभाग ने अभी तक जब्त किए गए माल की सटीक कीमत और मात्रा का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। यह भी जांच का विषय है कि यह अवैध शराब की फैक्ट्रियां कब से संचालित हो रही थीं और इनका नेटवर्क कहां-कहां फैला था। फिलहाल विभाग ने मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *