भरतपुर सेना के मेजर को पुलिस ने रातभर लॉकअप में रखा, बदसलूकी का आरोप, पूर्व सैनिकों व ग्रामीणों में रोष

Spread the love

जयपुर: भरतपुर के छौकरवाड़ा के खेड़ली मोड़ थाना पुलिस द्वारा भारतीय सेना के एक सेवारत मेजर को कथित रूप से नियमों के विपरीत रातभर लॉकअप में बंद रखने, बदसलूकी करने और अपमानजनक व्यवहार करने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त हो गया है। पानागढ़ (पश्चिम बंगाल) में तैनात तथा मूल रूप से गांव पथैना निवासी मेजर शैलेंद्र सिंह के साथ हुई इस घटना को लेकर रविवार को गांव में गौरव सेनानी संघ की आपात बैठक और ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की गई।

दोनों बैठकों में पुलिस प्रशासन को 24 घंटे के भीतर दोषी थानाधिकारी और संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि ऐसा नहीं होने पर खेड़ली मोड़ थाने का घेराव किया जाएगा। पीड़ित मेजर शैलेंद्र सिंह के अनुसार वे 14 से 21 जून तक अवकाश पर अपने गांव पथैना आए हुए थे। 19 जून की रात करीब 12 बजे वे अपने खेत के पास गाड़ी खड़ी कर अपने भाई का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान भरतपुर के छौकरवाड़ा के खेड़ली मोड़ थाना पुलिस की गश्ती गाड़ी वहां पहुंची। गाड़ी पर हरियाणा नंबर होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछताछ शुरू की।मेजर का आरोप है कि उन्होंने अपना परिचय देते हुए सेना का पहचान पत्र भी दिखाया, लेकिन पुलिसकर्मी कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। आरोप है कि पुलिस ने थाने से दूसरी गाड़ी बुलवाई, उनकी गाड़ी की चाबी, मोबाइल फोन और सेना का पहचान पत्र जबरन अपने कब्जे में ले लिया तथा उन्हें थाने ले गई। मेजर शैलेंद्र सिंह का आरोप है कि थाने में उनके साथ पूरी रात अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्हें एक आम आरोपी की तरह लॉकअप में बंद रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

जाति और गांव को लेकर कीं अपमानजनक टिप्पणियां:

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थानाधिकारी ने उनके पद और वर्दी की गरिमा की अनदेखी करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा उनकी जाति और गांव को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं। शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें धारा 151 और 185 के तहत एसडीएम भुसावर के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। उनकी गाड़ी अभी भी पुलिस द्वारा ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में जब्त बताई जा रही है।

ऐसे अधिकारियों को तत्काल हटाया जाना चाहिए – संघ अध्यक्ष:

घटना की जानकारी मिलते ही रविवार को गांव पथैना के बिहारी जी मंदिर परिसर में गौरव सेनानी संघ की बैठक हुई। संघ अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि यदि पुलिस को सेना के जवानों और अधिकारियों से जुड़े नियमों की जानकारी नहीं है तो ऐसे अधिकारियों को तत्काल हटाया जाना चाहिए। उपाध्यक्ष सूबेदार शिशुपाल सिंह ने भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शाम को गांव की सरदारी की पंचायत में भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषी पुलिसकर्मियों पर निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पूर्व सैनिक और ग्रामीण मिलकर खेड़ली मोड़ थाने का घेराव करेंगे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश बना हुआ है।

सभी आरोप निराधार:

मेरे द्वारा मेजर शैलेन्द्र सिंह के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया और ना ही कोई जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। सभी आरोप निराधार हैं।

राजेश कसाना, थानाधिकारी खेरली मोड़ सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *