बाड़मेर, 5 अगस्त। जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने बुधवार को जिला कलक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में आगामी पंचायती राज एवं नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन से जुड़े सभी कार्यों को राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध एवं समन्वित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर रवीन्द्र कुमार,बाड़मेर उपखंड अधिकारी यशार्थ शेखर, यूआईटी सचिव विवेक व्यास सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने कहा कि आगामी चुनाव में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारी एवं कार्मिक समन्वय, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि जिले में शांतिपूर्ण वातावरण में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त मतदान संपन्न कराया जा सके।
मतदाता सूचियों के अद्यतन कार्य की समीक्षा:
बैठक में नगरीय निकाय एवं पंचायती राज चुनाव के लिए मतदाता सूचियों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि नगरीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है तथा नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधन से संबंधित प्रक्रिया के तहत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं। चुनाव घोषणा तक मतदाता सूची को अद्यतन रखने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
मतदान केन्द्रों की व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन:
जिला कलक्टर ने मतदान केन्द्रों की भौतिक स्थिति, संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों के चिन्हीकरण तथा आवश्यकतानुसार सहायक मतदान केन्द्रों की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने मतदान केन्द्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ईवीएम एवं मतपेटियों की उपलब्धता पर चर्चा:
बैठक में ईवीएम की उपलब्धता, एफएलसी एवं रैण्डमाइजेशन, कमीशनिंग, सुरक्षित भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। नगरीय निकाय चुनाव के लिए ईवीएम को निर्धारित कक्षों में पुलिस सुरक्षा के साथ सुरक्षित भंडारित किया गया है तथा आयोग के निर्देशानुसार कमीशनिंग एवं वितरण की व्यवस्था की जाएगी। पंचायती राज चुनाव के लिए भी ईवीएम एवं मतपेटियों की उपलब्धता तथा एफएलसी, रैण्डमाइजेशन, कमीशनिंग, भंडारण एवं वितरण की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मतदान दलों के गठन एवं प्रशिक्षण की तैयारियां:
मतदान दलों के गठन के लिए कार्मिकों का डाटाबेस अद्यतन करने तथा सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदान दलों के गठन की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के बाद जिला एवं मुख्यालय स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। जिला कलक्टर ने मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण को प्रभावी एवं व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया।
मतपत्रों के मुद्रण एवं निर्वाचन सामग्री की व्यवस्था:
बैठक में मतपत्रों के मुद्रण के लिए चल रही निविदा प्रक्रिया, आवश्यक कागज की उपलब्धता तथा मतपत्रों की गोपनीयता से संबंधित आयोग के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। साथ ही मतदान दलों एवं नाम निर्देशन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
आरक्षण, मजिस्ट्रेट नियुक्ति एवं कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस:
जिला कलक्टर ने पदों के आरक्षण की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जोनल मजिस्ट्रेट के लिए सेक्टर निर्धारण एवं रूट चार्ट तैयार करने तथा नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण प्रदान करने की कार्यवाही की समीक्षा की गई।उन्होंने कानून -व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए गठित प्रकोष्ठ की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संवेदनशील, अति संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केन्द्रों के चिन्हीकरण तथा वहां आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आचार संहिता की पालना एवं शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण:
बैठक में निर्वाचन आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन से संबंधित प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं नियमानुसार निस्तारण के लिए गठित आचार संहिता प्रकोष्ठ की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन संबंधी प्रत्येक शिकायत पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मतदाता जागरूकता अभियान को गति देने के निर्देश:
जिला कलक्टर ने अधिकाधिक मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से व्यापक मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। ब्लॉक एवं पंचायत स्तर पर शिक्षा विभाग तथा नगरीय निकायों के माध्यम से प्रचार-प्रसार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
वाहनों के अधिग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था की समीक्षा:
मतदान दलों एवं निर्वाचन से जुड़े अन्य कार्यों के लिए आवश्यक वाहनों का आकलन कर समय पर अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा जिले में सभी प्रकार के आवश्यक वाहनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।