सिरोही | 5 अगस्त 2026 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही की पहल पर जिला कारागृह में बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्राधिकरण और हीरा बेकरी एवं खुशबू कैटर्स के संयुक्त सहयोग से सात दिवसीय फास्ट फूड मेकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा बंदियों को विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड और स्ट्रीट फूड बनाने की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्वाद और छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें भी सिखाई जा रही हैं, ताकि प्रतिभागी भविष्य में स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों को विधिक सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बंदियों के पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए भी प्रभावी प्रयास करना है। ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें सम्मानजनक आजीविका की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
मुख्य प्रशिक्षक हीरा लाल कंसारा ने बंदियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए बड़े संसाधनों से अधिक मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास आवश्यक है। छोटी शुरुआत भी भविष्य में बड़े व्यवसाय का रूप ले सकती है।
सह-प्रशिक्षक श्रवण पुरोहित ने बताया कि वर्तमान समय में स्ट्रीट फूड का व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है और कम निवेश में अच्छी आय का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण बंदियों के लिए नया जीवन शुरू करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
जिला कारागृह प्रशासन भी प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग दे रहा है। इच्छुक बंदियों को इसमें शामिल कर व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राधिकरण ने भविष्य में भी विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से ऐसे कौशल विकास और पुनर्वास कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि बंदियों को समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जोड़ा जा सके।