वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं, मामला बना चर्चा
आउ : केरला ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान एक बयान को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। शिविर के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कथित रूप से कहा था कि हुआप तो सिफारिश से यहां लगे होह्व, जिसके बाद संबंधित बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया
पर वायरल हो गया। इसके बाद आऊ घंटियाली सहित आसपास के गांवों में इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिजली विभाग के सहायक अभियंता (एईएन) पूनमचंद विश्नोई के समर्थन में पोस्टों की संख्या बढ़ गई है। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उन्हें क्षेत्र में सक्रिय और फील्ड में काम करने वाले अधिकारी के रूप में उल्लेखित कर रहे हैं। कई पोस्टों में उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें हृकिसान मित्रह्न
जैसी उपाधि भी दी जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले समय में क्षेत्र में बिजली व्यवस्था और शिकायत निस्तारण से जुड़े कार्यों में सुधार देखने को मिला है। ग्रामीणों के अनुसार एईएन फील्ड में जाकर समस्याओं को समझने और समाधान करने का प्रयास करते जिससे आमजन में उनके प्रति सकारात्मक धारणा बनी है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सरकारी शिविरों और जनसुनवाई कार्यक्रमों का उद्देश्य ही जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना होता है, ऐसे में रहे हैं,
विभिन्न स्तरों पर संवाद और प्रतिक्रिया स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है, जहां एक वर्ग एईएन के कार्यों की सराहना कर रहा है, वहीं कुछ लोग इसे प्रशासनिक संवाद का हिस्सा बता रहे हैं। फिलहाल इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई आधिकारिक कार्रवाई या विभागीय बयान की पुष्टि नहीं हुई है, और पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया और स्थानीय चचाओं तक ही सीमित बताया जा रहा है।