शेखावाटी ज्ञान सभा में गूंजा विकसित भारत का संकल्प, शिक्षा और संस्कार को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

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जयपुर/सीकर | 18 जुलाई पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में आयोजित ‘शेखावाटी ज्ञान सभा’ में शिक्षा, संस्कार और भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने की, जबकि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित शिक्षा जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

राज्यपाल ने कहा कि NEET-2026 में राजस्थान का प्रदर्शन देशभर में सराहनीय रहा है, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की इच्छाशक्ति व आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, बौद्धिक क्षमता और नैतिक मूल्यों का समग्र विकास होना चाहिए। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा और भारतीय ज्ञान-विज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सड़क नेटवर्क के विस्तार, जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, निःशुल्क राशन और स्वच्छता अभियान जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें देश के विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र केवल अपनी ऐतिहासिक हवेलियों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, व्यापार, परिश्रम, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की समृद्ध परंपरा के लिए भी देशभर में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा ही वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों और मानसिक शांति का प्रभावी मार्ग दिखाती है।

कार्यक्रम में शिक्षा और संस्कृति को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों से जोड़ने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया गया।

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