जयपुर | 15 जुलाई 2026 राजस्थान विधानसभा ने अपने गौरवशाली 75 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को “अमृत महोत्सव” का भव्य आयोजन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल और मुख्यमंत्री एक ही मंच पर उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे विधानसभा भवन में हुआ। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष सुबह 8:15 बजे जयपुर पहुंचे और लोक भवन में विश्राम के बाद समारोह में शामिल हुए।
इस अवसर पर 6 या उससे अधिक बार विधायक चुने गए 26 वर्तमान एवं पूर्व विधायकों का सम्मान किया गया। सम्मानित होने वाले अधिकांश जनप्रतिनिधियों की आयु 70 वर्ष से अधिक है, जिन्होंने लंबे समय तक लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया।
समारोह की एक और विशेष उपलब्धि यह रही कि लोकसभा और राज्यसभा के कुल 35 सांसद पहली बार एक मंच पर एकत्र हुए।
शाम 4 बजे आयोजित समापन समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि रहे, जबकि राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अमृत महोत्सव के दौरान राजस्थान विधानसभा के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 24 ऐतिहासिक कानूनों पर विशेष मंथन भी किया गया। विभिन्न सत्रों में पूर्व एवं वर्तमान अनुभवी विधायकों ने इन कानूनों के प्रभाव, महत्व और भविष्य की दिशा पर अपने विचार साझा किए।
यह आयोजन राजस्थान विधानसभा की लोकतांत्रिक परंपरा, विधायी उपलब्धियों और जनप्रतिनिधियों के योगदान को समर्पित एक ऐतिहासिक अवसर बन गया।