सिरोही | ( रिपोर्टर, महेंद्र सिंह परिहार ) सिरोही शहर की मासूम नगर कॉलोनी, आदर्श नगर लिंक रोड और मल्लेश्वर कॉलोनी क्षेत्र में सार्वजनिक मार्गों पर कथित अतिक्रमण को लेकर कॉलोनीवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए नागरिकों ने 25 जुलाई 2026 से नगर परिषद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
समाजसेवी गोपाल सिंह राव पोसालिया ने बताया कि कॉलोनी तक पहुंचने वाले दोनों प्रमुख सार्वजनिक मार्ग कथित अतिक्रमण की वजह से प्रभावित हो गए हैं। उनका आरोप है कि एक ओर मंदिर के नाम पर सरकारी भूमि पर निर्माण होने से रास्ता बेहद संकरा हो गया है, वहीं दूसरी ओर मल्लेश्वर कॉलोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर पत्थर, कांटेदार झाड़ियां और चारदीवारी बनाकर आवागमन बाधित कर दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि खसरा संख्या 1051 की स्वीकृत कॉलोनी योजना में प्रस्तावित सार्वजनिक मार्ग पर भी अतिक्रमण कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों, निर्माण सामग्री के वाहनों तथा आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में गंभीर परेशानी हो रही है।

कॉलोनीवासियों का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से जिला प्रशासन और नगर परिषद को कई ज्ञापन एवं शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि भविष्य में किसी चिकित्सा आपातकाल, आगजनी या अन्य दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न होती है तो एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन समय पर नहीं पहुंच पाएंगे।

नागरिकों ने जिला कलेक्टर, नगर परिषद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से स्वीकृत सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण हटाने, सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
इसके साथ ही राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुम्बाराम चौधरी तथा जिला प्रशासन से नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी अपील की गई है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि 25 जुलाई 2026 तक कार्रवाई नहीं हुई तो नगर परिषद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व गोपाल सिंह राव पोसालिया करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल होने की बात कही गई है।
नोट: समाचार में लगाए गए अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर कब्जे संबंधी सभी आरोप कॉलोनीवासियों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित प्रशासन या अन्य पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।