जगन गुर्जर मर्डर केस: मेडिकल बोर्ड की निगरानी में होगा पोस्टमॉर्टम, जेल प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग
अजमेर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अदालत ने जगन के छोटे भाई पप्पू गुर्जर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दे दी है। पप्पू वर्तमान में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है और उसने जेल प्रशासन के माध्यम से अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी थी।
अदालत के आदेश के अनुसार, अंतिम संस्कार के दिन पप्पू गुर्जर को पुलिस सुरक्षा में उसके पैतृक गांव ले जाया जाएगा। वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जगन गुर्जर का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाएगा। परिजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं और प्रशासन उनसे लगातार संवाद कर रहा है।
इधर, सिविल लाइन थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जब्त कर लिया गया है। जेल उपाधीक्षक सहित ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 29 जून को जेल की बैरक खोले जाने पर अन्य बंदियों के साथ आरोपी विष्णु बाहर आ गया, जबकि जगन गुर्जर बैरक में अचेत अवस्था में मिला। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में हत्या का आरोप भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर लगाया गया है, जो उसी सेल में बंद था।
इस बीच, जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि यह घटना केवल दो बंदियों के बीच का विवाद नहीं, बल्कि जेल प्रशासन और कुछ अन्य लोगों की कथित मिलीभगत का परिणाम हो सकती है। उन्होंने मामले की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि जगन गुर्जर को 29 मार्च 2026 को धौलपुर जिला जेल से स्थानांतरित कर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेजा गया था। अब इस हत्याकांड की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।