जयपुर, 30 जून। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 35 साल तक नौकरी करने वाले शिक्षक को सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
धौलपुर के फूलपुरा निवासी लक्ष्मीनारायण ने 1992 में शिक्षक पद के लिए सैकण्डरी और सीनियर सैकण्डरी की अंकतालिकाओं में अंक बढ़ाकर प्रथम श्रेणी दर्शाया। एसटीसी की फर्जी अंकतालिका भी लगाई, जिसका विभागीय रिकॉर्ड में कोई अस्तित्व नहीं मिला।
2022 में घरेलू विवाद के बाद भाई की शिकायत पर जांच हुई तो सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। शिकायत के बाद शिक्षक को निलंबित कर बागीदौरा मुख्यालय लगाया गया था। उसने कोर्ट से राहत लेने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ।
सोमवार को प्रशासक डॉ. इन्द्रजीत यादव की अध्यक्षता में जिला स्थापना समिति की बैठक में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 91(3) के तहत शिक्षक को सेवा से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
जिला परिषद सीईओ गोपाललाल स्वर्णकार ने बताया कि आरोपी शिक्षक से पूरी सेवा अवधि का वेतन और अन्य देय राशि वसूली जाएगी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी शम्मे फरोज़ा बतुल अंजुम, कोषाधिकारी हितेश गौड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।