सिरोही, 29 जून। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रोहिताश्व सिंह तोमर के निर्देशन में जिले भर में 1 जून 2026 से संचालित बाल श्रम मुक्त सिरोही विशेष अभियान के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग द्वारा गठित संयुक्त टीमों ने जिले के सभी ब्लॉकों में व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया।
अभियान के दौरान होटलो, ढाबो, रेस्टोरेंट, निर्माण स्थलो, दुकानों तथा अन्य संभावित कार्य स्थलों का सर्वेक्षण कर 232 बाल श्रमिकों का चिन्हीकरण किया गया। चिन्हित बाल श्रमिकों की संपूर्ण सूचना आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को प्रेषित कर दी गई है, जिस पर पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के तहत मुक्त कराए जाने वाले बच्चों का पारिवारिक पुनर्वास, शिक्षा की मुख्यधारा से पुनः जोड़ना तथा उनके परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर आवश्यक सहयोग किया जाएगा। यह कार्य जिला बाल सरक्षण इकाई द्वारा संचालित ‘‘उम्मीद अभियान‘‘ के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा ताकि बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोडा जाएगा और वे दोबारा बाल श्रम की ओर न लौटें।
यह अभियान जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के निर्देशन में सर्वप्रथम राजस्थान के जिला सिरोही में की गई एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य सिरोही को राज्य का प्रथम बाल श्रम मुक्त जिला बनाना है। अभियान के सफल संचालन में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन तथा जन चेतना संस्थान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसी क्रम में 12 जून 2026 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर माउंटआबू क्षेत्र में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, समाज सेवियों एवं आमजन को बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूक करते हुए अपील की गई कि यदि किसी होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री, दुकानों अथवा अन्य स्थान पर कोई बच्चा बाल श्रम करते हुए दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें।
जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के निर्देशन में सिरोही, पिंडवाड़ा एवं आबूरोड उपखण्डों में संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय बैठकें आयोजित की गई। बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, होटल एवं प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों की जानकारी देते हुए किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम नहीं कराने तथा बाल अधिकारों के संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करने के लिए भी कहा गया हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन राईस द्वारा संचालित
निष्क्रमणीय पशुपालक राजकीय बालक आवासीय विद्यालय, नित्तोड़ा में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया की अन्तिम तिथि 31 जुलाई तक
सिरोही, 29 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित राजकीय आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2026-27 के लिये ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2026 तक है। इस संबंध मे पूर्व की भांति विभाग द्वारा ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत किये जाने की व्यवस्था लागू होगी। आवासीय विद्यालयों एव अन्य सामान्य दिशा-निर्देश का विस्तृत विवरण विभाग की वेबसाईट http://sje.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है।
आवेदन प्रक्रियाः- विभागीय आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाईन आवेदन पत्र sso.rajasthan.gov.in पर नवीन प्रवेश पोर्टल SJMS के माध्यम से आमंत्रित किये जायेंगे। एक विद्यार्थी आवेदन पत्र में अधिकतम पांच आवासीय विद्यालयों को विकल्प के रूप में ऑनलाईन चयन कर सकेगा। पूर्व में प्रवेशित उŸार विद्यार्थी जो इस वर्ष आवासीय विद्यालय में प्रवेश लेना चाहते है, उन विद्यार्थियों का प्रधानाचार्य द्वारा नवीनीकरण किया जावेगा। प्रवेश हेतु पात्रताः- राजस्थान के मूल निवासी छात्र/छात्राओं के लिए योजना लागू होगी। किसी भी राजकीय आवासीय विद्यालयों में किसी भी पिछड़ी जाति (अनु.जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग/आर्थिक पिछड़ा वर्ग/मिरासी भिश्ति वर्ग) के विद्यार्थी जो विद्यालय के 5 किमी के परिधि के भीतर रहते हो, अर्थात जिसके माता-पिता या संरक्षक 5 किमी की परिधि के भीतर रहते हों, आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए पात्र नहीं होंगे। विशेष परिस्थिति में निदेशक, सान्याअवि की स्वीकृति उपरांत उक्त नियम में शिथिलता दी जा सकेगी। आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिये कक्षा 6 से 8 में अध्ययन हेतु छात्र-छात्रा को नियमानुसार सीटे रिक्त होने की स्थिति में प्रवेश दिया जायेगा। छात्र-छात्रा का चरित्र प्रमाण-पत्र विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक है। आवासीय विद्यालय में प्रवेश हेतु प्रथम वरीयता संबंधित वर्ग के बी.पी.एल. परिवार के छात्र-छात्रा को दी जायेगी। प्रवेश हेतु गत कक्षा में 40 प्रतिशत अथवा इससे अधिक अंक प्राप्त होने पर ही आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जावेगा। छात्र-छात्रा के परिवार की वार्षिक आय 8.00 लाख रुपये से अधिक होने पर प्रवेश हेतु पात्र नहीं होंगे। जिन छात्र-छात्राओं के माता-पिता राज्य सरकार के कर्मचारी है एवं पे लेवल-11 तक (अधिकतम 8.00 लाख रुपये वार्षिक) वेतन प्राप्त कर रहे है, विभागीय आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। प्रवेश हेतु आवश्यक दस्तावेज-ऑनलाईन प्रवेश पोर्टल पर आवेदन पत्र जन-आधार कार्ड के माध्यम से लिये जावेगा। जनाधार पोर्टल पर उपलब्ध आवेदक की सूचना को प्रमाणिक माना जायेगा। आवेदन पत्र हेतु वांछित दस्तावेज यथा आधार विवरण, बैंक विवरण, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आय का स्व घोषणा पत्र/आय विवरण, विशेष श्रेणी अन्तर्गत पिता/माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, विशेष योग्यजन का अधिकृत प्रमाण पत्र सहित विवरण, बीपीएल/स्टेट बीपीएल/अन्त्योदय आदि का विवरण जनाधार/राज वोल्ट/डिजिलॉकर अथवा दस्तावेज जारीकर्ता एजेन्सी द्वारा संधारित वेब सर्विस से प्राप्त कर स्वतः सत्यापित होगे। (इसके लिए विद्यार्थी को पृथक से किसी प्रकार का दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी। माता और पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (केवल अनाथ बालक/बालिका के लिये), पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (केवल विधवा के बालक/बालिका के लिये), पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (विधवा आवेदकों के लिये) राजस्थान के निष्क्रमणीय पशु पालक होने का प्रमाण पत्र (केवल निष्क्रमणीय पशुपालकों के आवासीय विद्यालय के लिये) प्रवेश हेतु आवेदन करने का अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2026 नियत है। विधा सम्बल योजना के अन्तर्गत पात्र शिक्षकों द्वारा प्रवेशित बच्चों का अध्यापन करवाया जायेेगा। यह जानकारी प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार पुरोहित ने दी।