सिरोही, 23 जून। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) 2011 में संशोधन प्रस्तावित किया गए हैं। ये संशोधन भारत सरकार की डी-रेगुलेशन एवं कम्प्लायंस बर्डन रिडक्शन पहल तथा जन विश्वास अधिनियम 2026 के प्रावधानों के अनुरूप व्यवसाय सुगमता को बढ़ावा देने, अनुपालना भार को कम करने तथा नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
प्रस्तावित संशोधनों में निर्माताओं, मरम्मतकर्ताओं एवं विक्रेताओं के लिए लाइसेंस व्यवस्था के स्थान पर स्व घोषणा आधारित पंजीकरण प्रमाण पत्र की व्यवस्था, लाइसेंस नवीनीकरण की अनिवार्यता का निरसन, सरकारी अनुमोदित परीक्षण केन्द्रों को सत्यापन एवं मुद्रांकन की प्रक्रिया में सम्मिलित करना, सत्यापन शुल्क का युक्तिगत पुननिर्धारण तथा विभिन्न श्रेणी के उल्लंघनकर्ताओं के लिए अनुपातिक शमन शुक्ल निर्धारित करना आदि प्रमुख प्रावधान सम्मिलित हैं।
इस प्रारूप नियमों के संबंध में सभी हितधारकों, व्यापरिक संगठनों, उद्योग संघों, उपभोक्ताओं एवं आमजन से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्थाएं इन प्रारूप नियमों के राजस्थान राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 07 दिवस के भीतर अपनी सुझाव/आपत्तियां ईमेल आईडी dclm.hq@rajasthan.gov.in तथा secy-food-rj@nic.in पर प्रेषित कर सकते हैं। निर्धारित अवधि के पश्चात प्राप्त सुझावों/आपत्तियों पर विचार किया जाना संभव नही होगा।