जयपुर: सिरोही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह सिरोही जिले के आबूराज स्थित नक्की लेक परिक्रमा पथ पर राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ियों पर छाई धुंध और खुशनुमा मौसम के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को योग अपनाने का संदेश दिया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन , प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुंबाराम चौधरी, विधायक समाराम गरासिया, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया. बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक संपूर्ण जीवन पद्धति है. उन्होंने कहा कि योग हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा दी गई लगभग 5000 वर्ष पुरानी अमूल्य धरोहर है, जिसने आज पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाई है. योग भारत की वह देन है जिसे दुनिया ने अपनाया है और इससे भारत का गौरव भी बढ़ा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है. योग व्यक्ति को चिंता, क्रोध और तनाव जैसी मानसिक समस्याओं से दूर रखता है तथा मन को मजबूत और स्थिर बनाता है. उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि “योग से ही निरोगी काया, स्वस्थ मन और सशक्त समाज का निर्माण संभव है.”
नक्की लेक परिक्रमा पथ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौसम पूरी तरह अनुकूल बना रहा:
पहाड़ियों के बीच छाई धुंध, ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही ने आयोजन की सुंदरता को और बढ़ा दिया. प्राकृतिक वातावरण में मुख्यमंत्री सहित हजारों लोगों ने सामूहिक रूप से योगासन और प्राणायाम किए. धुंध से घिरे रमणीय दृश्य के बीच योग करते लोगों का नजारा आकर्षण का केंद्र बना रहा. कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम किए तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया. आबूराज की मनोहारी वादियों में आयोजित यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम योग, स्वास्थ्य, संस्कृति और प्रकृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना.