रक्षाबंधन पर शांतिवन की ओर से अपर जिला एवं सेशन न्यायालय में विशेष कार्यक्रम
आबूरोड। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यालय शांतिवन की ओर से अपर जिला एवं सेशन न्यायालय में विशेष परमात्म रक्षासूत्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं को परमात्म रक्षासूत्र बांधकर जीवन में सकारात्मक सोच, पवित्रता और शुभ विचारों को अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में बीके भारती दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल स्वयं और परिवार की रक्षा का पर्व नहीं है, बल्कि अपने विचारों की भी रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के विचार ही उसके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने विचारों का निरंतर निरीक्षण करते हुए सदैव शुभ एवं सकारात्मक विचार रखने चाहिए। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों को सकारात्मक और शुभ विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प भी कराया गया।
बीके महिमा दीदी ने कहा कि अधिवक्ता का पेशा अनेक चुनौतियों से भरा होता है। ऐसी परिस्थितियों में स्वयं को सकारात्मक और संतुलित बनाए रखना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि विधि व्यवसाय को अपनाना अधिवक्ताओं की चुनौतियों को स्वीकार करने और उनका सामना करने की क्षमता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में अधिवक्ता बीके प्रदीप भाई ने वकील मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का परिचय कराया तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर राजसिंह भाई, सुमित भाई, अभिषेक भाई, बीके सीमा दीदी सहित ब्रह्माकुमारी संस्थान के अन्य भाई-बहन उपस्थित रहे। वहीं वकील मंडल की ओर से कार्यकारिणी सदस्य दुर्गेश, उपाध्यक्ष अर्जुन दादरिया, सचिव भंवर सिंह, कोषाध्यक्ष अजीत देवासी, दिनेश खण्डेलवाल (एपीपी), वरिष्ठ अधिवक्ता भोपाल सिंह चौहान, कैलाश सिंह देवड़ा, अवधेश देवल, संजय चौधरी, अमान खान सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।
संदेश यही रहा—रक्षा केवल शरीर की नहीं, बल्कि विचारों की भी जरूरी है। शुभ विचार ही सकारात्मक व्यक्तित्व और बेहतर समाज की नींव रखते हैं।