जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना अभियान का मुख्य उद्देश्य: सचिव सावित्री आनंद निर्भीक
सिरोही, 25 अगस्त राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की 60 दिवसीय मेगा ड्राइव के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही की ओर से चयनित ग्राम ऊड में विधिक जागरूकता कैम्प आयोजित किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही के निर्देशानुसार आयोजित कैम्प में ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही की सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक ने बताया कि मेगा ड्राइव का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में रहने वाले पात्र व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सहायता एवं न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को संबंधित विधिक एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें वास्तविक लाभ दिलाना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
कैम्प में ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को NALSA SHIKSHA Scheme 2026, NALSA SPRUHA Scheme 2025, NALSA SAMVAD Scheme, NALSA Dawn Scheme, बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं, मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं, वरिष्ठ नागरिकों एवं श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएं, मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच, वीर परिवार सहायता योजना तथा गरीबी उन्मूलन योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकार, महिला एवं बाल सुरक्षा, निःशुल्क विधिक सहायता तथा आवश्यक कानूनी प्रावधानों के प्रति भी जागरूक किया गया। साथ ही बाल विवाह उन्मूलन सहित विभिन्न विधिक सहायता संबंधी SOPs की जानकारी दी गई।
अधिकारियों एवं विद्यालय प्रधानाचार्यों के साथ बैठक
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही कार्यालय में ग्राम ऊड के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी एवं दोनों राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक ने की।
बैठक में ग्राम ऊड में मेगा ड्राइव के तहत आगामी कार्यक्रमों, विशेषकर विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए आयोजित किए जाने वाले विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस दौरान सरपंच डुंगाराम मेघवाल, ग्राम विकास अधिकारी भरत कुमार नागर, पटवारी अशोक मेघवाल, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य रघुवीर सिंह तथा शान्तिनाथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन डाबी उपस्थित रहे।
सचिव ने विद्यालय प्रधानाचार्यों से विद्यार्थियों को उनकी आयु एवं आवश्यकता के अनुरूप सरल भाषा में बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध, शिक्षा का अधिकार, नशे से बचाव, साइबर अपराध से सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया।
बैठक में ग्राम के पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता एवं संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने, PLVs के माध्यम से लाभार्थियों का फॉलोअप करने तथा Village Legal Aid Clinic को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई।
सचिव श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक ने कहा कि मेगा ड्राइव का उद्देश्य केवल लोगों को कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की पहचान कर उसे उचित विधिक सहायता उपलब्ध कराना और पात्र लाभार्थी को संबंधित सरकारी एवं NALSA योजना से जोड़कर उसका वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विद्यालय प्रशासन से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग एवं समन्वय की अपील की।
कैम्प के माध्यम से ग्राम ऊड के ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध विधिक सेवाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।