उदयपुर। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गेहूं में कथित हेराफेरी और कालाबाजारी के मामले में रसद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला रसद विभाग प्रथम ने देबारी और लकड़वास लैम्पस के अधीन संचालित 7 राशन डीलरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
शिकायत मिलने के बाद प्रवर्तन अधिकारी निशा मूंदड़ा ने मौके पर पहुंचकर राशन दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य आवश्यक रिकॉर्ड की जांच की गई। गोदाम में उपलब्ध गेहूं का भौतिक सत्यापन करने पर रिकॉर्ड की तुलना में 475.78 क्विंटल गेहूं कम पाया गया।
मामले में दोनों लैम्पस के व्यवस्थापक मांगीलाल व्यास से स्टॉक में कमी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन विभाग के अनुसार वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच रिपोर्ट में अनियमितता सामने आने के बाद जिला रसद अधिकारी ने संबंधित राशन डीलरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए।
इन 7 राशन सेंटरों पर हुई कार्रवाई
देबारी लैम्पस के अंतर्गत देबारी, भैंसड़ाकला, भैंसड़ाखुर्द और भल्लों का गुड़ा सेंटर, जबकि लकड़वास लैम्पस के अंतर्गत चांसदा, झामर कोटड़ा, धामधर और लकड़वास सेंटर बताए गए हैं। विभाग ने कुल सात संबंधित सेंटरों के लाइसेंस निलंबित किए हैं।
राशि की होगी वसूली, पुलिस भी करेगी कार्रवाई
विभाग के अनुसार गेहूं में हेराफेरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी और कम पाए गए गेहूं की राशि की वसूली की जाएगी। मामले में प्रतापनगर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस स्तर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस निलंबित होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को राशन वितरण में परेशानी न हो, इसके लिए विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले में विभागीय और पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि गेहूं की कमी के लिए कौन जिम्मेदार है और कितनी राशि की वसूली की जाएगी।